राम नगरिया सरयू किनारा अयोध्या जो कहलाए
मैं राम राम, मैं राम राम, मैं राम राम अब बोलूंगा।
चलो श्याम नाम लेकर घर से नया साल बीते श्याम के दर पे,
भए नगरी में शोर, देखन नगर चले युगल किशोर।
जनक नगरीया भइले शोर हे सुहावन लागे।
मैं म्हारा राम जी ने कदई न भूलूं, कदई न भूलूं ,चाहे जन्म दुख पायो जी।
कुछ नहीं बिगड़ेगा तेरा,हरी शरण आने के बाद
एक बार जो रघुबर की,नजरो का इशारा हो जाये
सांवरिया बार-बार तेरा हजार बार, शुक्र है
बाबा हैप्पी न्यू ईयर कर भक्तों पे मेहर
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