मैं म्हारा राम जी ने कदई न भूलूं, कदई न भूलूं ,चाहे जन्म दुख पायो जी।मैं म्हारा राम जी ने कदई न भूलूं, कदई न भूलूं ,चाहे जन्म दुख पायो जी।
पहले रे जन्म में बनयो रे ऊंटियों, बनयो रे ऊंटियों, घर राणा को पायो जी।पहले रे जन्म में बनयो रे ऊंटियों, बनयो रे ऊंटियों, घर राणा को पायो जी। ना घालियों म्हारे गले गिरवान, गले गिरवान, सारा दिन हलिया चलायो जी।मैं म्हारा राम जी ने कदई न भूलूं, कदई न भूलूं ,चाहे जन्म दुख पायो जी।मैं म्हारा राम जी ने कदई न भूलूं, कदई न भूलूं ,चाहे जन्म दुख पायो जी।
दूसरे जन्म में बनयों रे बेलियों, बनयो रे बेलियो, घर तेलिया को पायो जी।दूसरे जन्म में बनयों रे बेलियों, बनयो रे बेलियो, घर तेलिया को पायो जी। आंख्या के मारे बंदी रे पाटी ,बंदी रे पाटी ,सारा दिन घानी चलायो जी।मैं म्हारा राम जी ने कदई न भूलूं, कदई न भूलूं ,चाहे जन्म दुख पायो जी।मैं म्हारा राम जी ने कदई न भूलूं, कदई न भूलूं ,चाहे जन्म दुख पायो जी।
तीसरे जन्म में बनयों रे बंदरो, बनयों रे बंदरो, घर नटीया को पायो जी।तीसरे जन्म में बनयों रे बंदरो, बनयों रे बंदरो, घर नटीया को पायो जी। पगल्यां रे म्हारे बंधारे घुघरा, बंध्या रे घूगरा, घर घर नाच नचायो जी।मैं म्हारा राम जी ने कदई न भूलूं, कदई न भूलूं ,चाहे जन्म दुख पायो जी।मैं म्हारा राम जी ने कदई न भूलूं, कदई न भूलूं ,चाहे जन्म दुख पायो जी।
चौथा रे जन्म में बनियों री कुतिया, बनियों री कुतिया, घर घर अलख जगायो जी। कोई माई नाटे कोई माई घाले,कोई माई सोट दिखाए जी।मैं म्हारा राम जी ने कदई न भूलूं, कदई न भूलूं ,चाहे जन्म दुख पायो जी।मैं म्हारा राम जी ने कदई न भूलूं, कदई न भूलूं ,चाहे जन्म दुख पायो जी।
काहे भानु दास शरण सतगुरु री, शरण सतगुरु री, करणी का फल पायो जी।मैं म्हारा राम जी ने कदई न भूलूं, कदई न भूलूं ,चाहे जन्म दुख पायो जी।मैं म्हारा राम जी ने कदई न भूलूं, कदई न भूलूं ,चाहे जन्म दुख पायो जी।मैं म्हारा राम जी ने कदई न भूलूं, कदई न भूलूं ,चाहे जन्म दुख पायो जी।