म्हाने राखे म्हारो श्याम हथेली पे।
आप रे म्हारे मेहलां नीचे सा, ओ झरोखां नीचे सा, लगाई दो हरिया बाग़
पचरंग फागणियो रंगा दे होली खेलन ने, पचरंग फागणियो।
गाया मोड़ ले गोपालया म्हारी छाती धड़के,
रंग बरसे गुलाबी दोय नैना में रंग बरसे।
घूँघट खोलदे भाया की भावज, हियो बिलखे घूँघट खोलदे
आजा आजा गोकुल के सांवरिया, खेलेंगे हम होली।
भक्त हनुमत बड़ा अलबेला, वो तो लंका जलाए अकेला।
दुनिया समझे हारा, पर मैं हिम्मत ना हारा।
मैं हूं बाबा दास तुम्हारा।सर पे मेरे हो हाथ तुम्हारा।
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