कबूल मेरी विनती,
होनी चाहिए,
तेरे पागलों में गिनती,
होनी चाहिए।।
आज मेरे लाडले ने धनुष उठा लियो
दुसरो की राह में,
बिछाता है शूल रे,
ब्रह्माण्ड नायक पीरो का पीर,
शिरडी में आया बनके फ़क़ीर,
खाटू श्याम की नगरियां,
म्हारी श्याम की नगरियां,
प्यारी लागे जी बड़ी प्यारी लागे जी,
ग्यारस की ग्यारस हर बार जाता हु मैं श्याम के द्वार,
श्याम नाम अति मीठा है,
कोई गा के देख ले
भीगी पलकों तले,
सहमी ख्वाहिश पले,
याद तेरी फिर आयी खाटू श्याम जी,
क्यूँ रूस के बैठ्यो है,
अब तू ही बता के खता मेरी,
You must be logged in to post a comment.