कीसने सजाया मंदिर तेरा,
बड़ा प्यारा लागे बड़ा सोहना लगे,
ओ श्याम प्यारे हारे के सहारे आये तेरे द्वारे आये हम
जब दही बेचन में जाऊं यो मटकी फोड़ गिरावे से
कहां से ले आया ऐसी शुघर नार तपसी की।
एक बात मुझे यह कहनी है, मैंने बाबा से कह दी है।
सरकार हजारों दुनिया में पर खाटू सी सरकार नहीं।
हल्दी रो रंग सुरंग निपजे मालवे जी।
तेरा सजा दिया दरबार, कान्हा जी बड़ा प्यारा लगे,
कान्हा ले ले मेरी हिमात अकेला तू ही भतेरा है।
सखा सब प्रेम से बोलो हरे रमा हरे कृष्णा
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