तेरा तीन लोक में धाम हो धाम सुन प्यारे बाबा बजरंगी
फाग खेलन बरसाने आये हैं
नटवर नंद किशोर
मेरे कान्हा पे टोना कर गयी, ग्वालिन मस्तानी,
नंदलाला भए मोरी नगरी,हमारे नंदलाला भए।
जादू टोना कर गई रे कान्हा की मुरलियाँ
आज सखी ऐसो बनाइयो गोपाल को।
हल्दी मुलाई थारे तेल चढ़ावा,
हल्दी रो मोल चुकावां ला,
चम चम चमके चुन्दडी बिणजारा रे
हु मैं पागल दीवाना जले चाहे ये ज़माना,
तेरा सजा दिया दरबार,
बालाजी आ जाओं।।
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