कृष्ण मुरारी खोलो किवाड़ी भक्त खड़े तेरे द्वार ,
देदो कन्हैया थोड़ा प्यार और कुछ भी ना चाहूँ तुमसे सांवरे
हम पागल प्रेमी वृन्दावन धाम के ,
ले लो शरण कन्हैया, दुनिया से हम हैं हारे
आ जाओ घनश्याम,
श्याम थारा टाबर जोवे बाट,
श्याम मेरे आ जाओ,
ना कोई काम बिगड़ पाया ना कोई मुश्किल का साया ,
ओम नाम सबसे बड़ा जो इससे बड़ा ना कोई
यह बजरंग बाला, मतवाला। अंजनी का लाला मतवाला,
कैसे मानूं गरीबों का तू है, कहलाता सेठों का सेठ तु है।
आ जाओ भोले बाबा मेरे मकान मे,
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