नैनन से मोहे गारी दई, पिचकारी दई, हो होली खेली न जाय,
अर्पण किया है श्याम को जो भी तुझको वापिस बाँट दिया
अरी होली में हो गया झगड़ा, सखियों ने मोहन पकडा।
हर ग्यारस की ग्यारस तुमसे
मुलाकात हो जाए
मैंने सब कुछ तुम ही से है पाया, मुझे पत्थर से पारस बनाया।
बड़ी धूम से चली है मेरे भोले की बारात,बड़ी धूम से।
श्याम तेरा ये एहसान है, मेरी जग में जो पहचान है,
रंग रंगीला फागन आया, श्याम ने सब को खाटू बुलाया।
तेरे चलाये से चले नैया गरीब की ,
तेरी जय हो कुंज बिहारी,
तेरी जय हो बांके बिहारी,
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