खाले बाजरे की रोटी भोलेनाथ भांग पीनी भूल जाओगे।
दुखो ने घेर लिया प्रेमी तेरा घबराया है।
पीनी हे तो पी हरी नाम वाली पी,
घर घर में मेरे श्याम तेरा नाम हो गया
जाते ही खाटू बिगड़ा मेरा काम हो गया
राधारानी, महारानी,
राधारानी मत जाना हमसे दूर,
दिल से दो आवाज यह दौडा आएगा
ओ प्रेमी जो भी मांगते हैं श्याम सरकार देते हैं,
ओ श्याम बाबा मेरी बिगड़ी बना दे,
हम श्याम के प्रेमी हैं हम श्याम पे मरते हैं
हारे का सहारा बाबा श्याम हमारा, सारे भक्तों का करता बेड़ा पार, खाटू के बाबा श्याम धनी।
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