दुनिया जलती है जलने दो। खाओ पियो मस्त रहो
ले लो रे हरी का नाम
कर्मा का साथी कोई नही
रंग श्याम का जो चढ जाये, कोई और न दिल को भाये।
खाटू वाले श्याम बिहारी,
कलिकाल में तेरी महिमा हे न्यारी,
हो राधा तेरी मटकी कमाल कर गई,
माखन से मुझे माला माल कर गई,
भांग पीला गोरा आजा जी सा,बन जागा शक्कर में घी सा।
मार लगाऊंगी शरे बाजार लगाऊंगी। जो भाभी बोल के रंग लगाया, तो गूलचा चार लगाऊंगी
अरे जैसे करले देह वीरान, काऊ दिन रज में रज मिल जाए।
अरे हट जा सासु आगे से मोहे सत्संग में जाबा दे।
वह तो पहने हैं सर्पों की माला, मेरा शंकर बड़ा भोला भाला।
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