मेरे मनमोहना जरा नेड़े नेड़े हो,
चलो फागन का लगा मेला, मेरा श्याम बड़ा अलबेला।
सूबटा जा तू खाटू धाम
म्हारो लेजा तू पैगाम
ओ सांवरे ओ सांवरे,
तैरेगी नैयाँ बिना माँझी के,
तेरह पेढिया ऊपर म्हारे,
श्याम को बंगलो,
मेरे श्याम की कोठी खाटू में जी म्हारे सावरे को बंगलो खाटू में।
ओ सांवरे ओ सांवरे कब आएगा ओ सांवरे।
मैया री मैं तो, वृन्दावन चली जाऊंगी,
पर भजन, श्याम के गाऊँगी,
ओ श्याम बाबा मेरी बिगड़ी बना दे,
मुक्ति मिले ना श्री श्याम के बिना,
कष्ट कटे ना खाटू श्याम के बिना
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