खेले सखियाँ संग फाग आज बरसाने में,
फागण को मेलो आय गयो रे चालो खाटू नगरिया ।
आ गया फागण मेला खाटू वाले का। झुम रहा हर बेटा खाटू वाले का।
मेरो राधा रमण गिरधारी रंगीलो रंग डाल गयो।
फागण आयो रे सांवरिया,
थारी याद सतावे रे,
फागण आयो रे,
होली खेल ले पंछीड़ा लाल,
फागण का दन चार।।
पिया जी से मिलबा चालो ये सजलो सिंगारो
हैरी मेरा दे दे ननंद प्रहलाद तेरी में चरणों की दासी।
मेरी सांवरे से लगन लगी रे मेरी मां।
ओ म्हारो बाबो साहूकार,बाबा मौज कर दी।
You must be logged in to post a comment.