श्याम नाम की ज्योत जगा ले, श्याम नाम नित गाएगा
खिड़की खोल दे नखराली छोरी
राधा नखराली, थारो कान कंवर भरतार लागे ये, राधा नखराली
गजानन्द थारी सूरत प्यारी लाग म्हारा राज,
आई बहार हंसते-हंसते ।आया, सांवला सरकार हंसते-हंसते।
म्हाने मेलो तो दिखा दे बाबा श्याम आयो मेलो फागण को,
राम तेरी महिमा का कोई, पारावार नहीं।
खाटू का सिंहासन छोड़ ,बाबा घर मेरे आओ।
इस बार के फागुन मेले में बस एक निशान हमारा हो,
लंका में आयो भाई जी बांदरो दबंग है,
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