मैं तो बाबुल र बागां री चिड़कोली, परदेशी सुवटीया र लार,बाबुल गठ जोड़ो करयो ।
Category: shadi geet
बन्ना म्हारा केसरियो,
हजारी गुल रो फूल,
मेहंदी सु रच रहया है जी म्हारा हाथ
न्यारो हो जा रे भरतार तेरी माई लड़े दिन-रात न्यारो हो जा रे
कैक्टस से जीठानी का वैक्स करवाती।
साइकिल की घंटी बोले टन नना टन बोलो कहां गए थे
सगोजी री घर वाळी न लेग्यो काळो चोर ।
सगोजी बोले इंगलिश, वहां हिन्दी का क्या काम है
बाग लगाइया पन्ना मारु बाग लगाया,
ब्याह रच्यो है म्हारी लाडली को
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