काना थाने पूछे माता थारी, क्यों खायो माखन मुरारी
Category: krishna bhajan lyrics कृष्ण भजन लिरिक्स
मोटे मोटे नैन ऊनके बाल घुंघराले।
कानुड़ा थारी लागे छवि प्यारी
बिरज म बाँसुरी बाज़ी ।।
आवनकी मनभावन की।
कोई कहियो गिरधर आवन की,
एक राधा एक मीरा दोनो ने श्याम को चाहा
भक्तों ने बांध लिया खूब कस कस के।
मैं तो जाऊं ना जमुना किनारे
प्यार करता है बांके बिहारी, जमाना तुम्हें प्यार करता,
श्री राधे गोविंदा, मन भज ले हरी का प्यारा नाम है ।
मैं तेरै रंग राची ओ साँवरा, मैं तेरै रंग राची॥
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