नज़रे श्याम से है जबसे मिलाई,
कश्ती भंवर से पार हुई,
Category: श्याम भजन लिरिक्स
घर घर में बस रहा है मेरा श्याम खाटू वाला,
Koi shyam sundar se kah do ye Jake,
सुन दर्जी सियो दे चोखा कुर्ता,में जाऊं उड़ता उड़ता, ओ फागुन के मेले में।
इसकी मोर छड़ी के आगे सब संकट मिट जाएगा।
सपना में दिखयो जी, दीखयो जी म्हारो श्याम धणी।
श्याम धनि का फागण मेला आ गया,
मेलो लाग्यो श्याम धणी,
को भक्तो हो जाओ तैयार,
काम धाम ने छोड़ बाबली,
जल्दी कर ले त्यारी,
तेरे बिना सांवरे ना रह सकूँ,
ना जी सकूँ मैं ना मर सकूँ,
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