सुन दर्जी सियो दे चोखा कुर्ता,में जाऊं उड़ता उड़ता, ओ फागुन के मेले में।
हाथ में पकड़ कर निशान जाऊंगा, खाटू धाम जाऊंगा। झूम-झूम जाऊंगा। अपने मन के भाव बाबा को सुनाऊंगा।🌺🌺🌺🌺🌺🌺🌺🌺खाटू धाम जाऊंगा। बाबा पास जाऊंगा। अपनी अर्जी में बाबा को सुनाऊं,हो बाबा को मनाऊं,ओ फागुन के मेले में।
सुन दर्जी सियो दे चोखा कुर्ता,में जाऊं उड़ता उड़ता, ओ फागुन के मेले में।
हारे के सहारे जो बाबा श्याम हमारे वो। रोते हुए देखे ना जो हंसते हुए देखे वो। भर के झोली वो कुछ भी ना मांगे,ओ फागुन के मेले में।
दुनिया में सबसे प्यारे बाबा श्याम जी, लीले के सवार जी। तीन बाण धारी जिनकी पहचान जी, मेरे खाटू श्याम जी।जाके इतर में बाबा को लगाऊं, ओ भजनों से रिझाऊं, ओ फागुन के मेले में।
सुन दर्जी सियो दे चोखा कुर्ता,में जाऊं उड़ता उड़ता, ओ फागुन के मेले में।
सुन दर्जी सियो दे चोखा कुर्ता,में जाऊं उड़ता उड़ता, ओ फागुन के मेले में।