तर्ज, नखरालो देवरियो
सपना में दिखयो जी, दीखयो जी म्हारो श्याम धणी।श्याम धणी हो म्हारो श्याम धणी।म्हाने हेला मारे जी खाटू को श्री श्याम धनी।
आंखयां बंद करूं जब आगे श्याम को मुखड़ा आवे। जाने काई हो गयो म्हारो जीवडलो घबरावे। थारी याद सतावे जी आवे जी म्हान हिचक्यां घणी।
सपना में दिखयो जी, दीखयो जी म्हारो श्याम धणी।श्याम धणी हो म्हारो श्याम धणी।म्हाने हेला मारे जी खाटू को श्री श्याम धनी।
था बिन ऐयां तड़पु जाइयां चंदा बिना चकोर। दिल में बस गयो सांवरिया अब दीखे ना कोई और।काई जादू कर दिन्यो,ले बैठ्यो म्हारो दिल यो धनी।
सपना में दिखयो जी, दीखयो जी म्हारो श्याम धणी।श्याम धणी हो म्हारो श्याम धणी।म्हाने हेला मारे जी खाटू को श्री श्याम धनी।
श्याम मिलन कद होसी या ही सोचूं मैं दिन-रात। भेज संदेशों मैंने बुला ले जोडू दोनों हाथ। खाटू में आवन की लग रही आश घणी।
सपना में दिखयो जी, दीखयो जी म्हारो श्याम धणी।श्याम धणी हो म्हारो श्याम धणी।म्हाने हेला मारे जी खाटू को श्री श्याम धनी।
सुपनो सांचों कर दे बाबा जीवन सफल बना दे। भगत खड़ा है दर पर थारे एक बार दरस दिखा दे। गुण गावे थारे सरकार, फिरा दे सर पर मोर छड़ी।
सपना में दिखयो जी, दीखयो जी म्हारो श्याम धणी।श्याम धणी हो म्हारो श्याम धणी।म्हाने हेला मारे जी खाटू को श्री श्याम धनी।