तूने पकड़ा जो हाथ मेरा,
ग़म के बादल जो छंटने लगे,
Category: श्याम भजन लिरिक्स
बरसे धारा बरसे धारा, गुरु ऋषभ की याद में, आंखों से ये बरसे धारा ।।
मेरी नैया भंवर में पड़ी, तुमको आना पड़ेगा हरि
वो खाटू का राजा है, जिसे मैं प्यार करता हूँ,
बड़े ही प्यारे, लगते हैं खाटूश्याम जी,
तेरे चरणों में श्यामधणी, जो आकर शीश झुकाता हैं
नी मैं श्याम मनाना नी, चाहे लोग बोलिया बोले,
ज़िन्दगी से हर मुसीबत श्याम टालेगा,
मेरे हज़ूर मुझे बेहिसाब प्यार करो,
भक्तोंका यह रखवाला मां अहिलावती का लाला, हम सबका रखता ध्यान।
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