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श्याम भजन लिरिक्स

Tere charno me shyam dhani Jo aakar shish jhukata hai,तेरे चरणों में श्यामधणी, जो आकर शीश झुकाता हैं,shyam bhajan

तेरे चरणों में श्यामधणी, जो आकर शीश झुकाता हैं

तर्ज :- हैं प्रीत जहां की रीत सदा.



तेरे चरणों में श्यामधणी, जो आकर शीश झुकाता हैं। हारें को सहारा मिल जाता, तू भव से पार लगाता हैं। जय श्याम श्री श्याम, जय जय श्याम


दरबार में तेरे सांवरियां दुख दर्द मिटाया जाता हैं दुनियां का ठुकराया प्राणीं यहां गले लगाया जाता हैं। यहां आंखों से बहता आंसू , तुझे भेंट चढ़ाया जाता हैं। हारें को सहारा मिल जाता तू भव से पार लगाता हैं। जय श्याम श्री श्याम जय जय श्याम



तेरे दरपे बाबा कमी नहीं मुंह मांगा हर कोई पाता हैं। तेरे खाटू में जो आता हैं तेरा दीवानां हो जाता है। गोरे काले का भेद नहीं तू सांचा , न्याय चुकाता हैं। हारें को सहारा मिल जाता तू भव से पार लगाता हैं। जय श्याम श्री श्याम , जय जय श्याम।


जिस पर हो तेरी मेहर प्रभु वो बैठा मौज उड़ाता हैं। जब हाथ हो तेरा माथे पर फिर रस्ता भी मिल जाता है
‘मोनू” जब तुझे बुलाता हैं , तू लीले , चढ़कर आता हैं हारें को सहारा मिल जाता तू भव से पार लगाता हैं। जय श्याम श्री श्याम , जय जय श्याम।

तेरे चरणों में श्यामधणी, जो आकर शीश झुकाता हैं हारें को सहारा मिल जाता, तू भव से पार लगाता हैं। जय श्याम श्री श्याम, जय जय श्याम

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