चलो मिलकर सुहागन आज चांद की पूजा करें।
Category: विविध भजन
तने पूछूं पंडित जोशी, मारो राम मिलन कब होसी ।।
चार चार मेरी बहूवे आ गई , आ गई चतुर चालाक राम जाने क्या होगा।
बुढ़ापो आये गयो।
भैरू चरण माही राख थारे द्वारे आया रे
आए अग्रसेन महाराज आज हम धूम मचाएंगे।
चलो साथीड़ा आपा हरिगुण गावा
मोतीडा चुगले नी हरी रे नाम रा।
अब तो दरस दिखा दे मैं तेरा हो चुका हूं।
सुमिरन कर मस्त जवानी में पच्छे बुढ़ापो कुन देखयो।
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