फागुन को त्योहार से,राजी लखदातार से
Author: Pushpanjali
आयो फागुन को रंगीलो त्योहार जी।
श्याम मिलेगो ईब के फागण में।
ओ होली खेल रहे गिरधारी।
फागुन मेला प्यारा प्यारा आया है।
फागुन आयो रे सांवरियो म्हारो, खेले होली, फागुन आयो रे।
रंग मलमल के ,कान्हा को रंगना। रंग बिखरे हैं मोरे अंगना
तेरी मुरली की धुन सुन के,मैं बृंदाबन को आया हूं।
मैं तो जोऊं रे कन्हैया थारी बाट , नंदलाला थारी बाट
तने बुलेट पर ले चालू, इस बार के खाटू मेले में।
You must be logged in to post a comment.