आयो आयो बाबुल को परिवार, म्हारा वीरा को परिवार
Author: Pushpanjali
ओढ़ चुनरिया लाल मैं जाऊं इस दुनियां से।
श्याम आएंगे खाटू से बिगड़ी मेरी बनाने को।
नच-नच वृंदावन आँवा मेरे मोहना,
आये दर पे, तेरे पुजारी,
मेरी माँ,
हरिया हरिया बागा में,
बोल रे सुवटिया,
महादेव शिव की है दोनों संतान,
कान्हा रे कान्हा तुझे किस ने है जाना,
अब तो आजा रे नारायण तू तो लेर गुडलो,
मने दूर की टिकट कटाई रेल में तेल नहीं।
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