भजन बिना कैसे तरियो,
Author: Pushpanjali
कब डालोगी, मेरे घर फेरा माँ मुझे तेरी जरूरत है।
इस काया की कोठरी में रंग भर लो।
गुरु पैंया लागू , नाम लिखाय दीजो रे ।
इतना तो तुझ पे यकीन है कोई हो न हो तू साथ है मेरे साँवरे
बाला जी क्यों बाँध लिए पाया में घुंगरू आज,
ले खडताल जपे हनुमान
जय सिया राम जय सिया राम
मेहंदीपुर और सालासर
में रूका शिव अवतारी का
जिसको तेरा भरोसा जिसको तेरा सहारा,
जय जय जय गिरिजा के नंदन,
प्रथम पूज्य तुमको अभिनंदन,
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