तर्ज:-किसी राह पर किसी मोड़ पर
इतना तो तुझ पे यकीन है कोई हो न हो तू साथ है मेरे साँवरे… मेरे साँवरे।
मेरा दिल कहे तू यहीं पे है तू हाँ यहीं पे है हाँ यहीं पे है मेरे सिर पे हाथ है तेरा मेंरे श्याम तू जहीं भी है मेरे साँवरे… मेरे साँवरे
सब कुछ तू जानता मेंरी तुझे क्या बताऊँ हर घड़ी दुनियाँ को ना बताऊँ मैं पर तुझसे कुछ छिपा नहीं मेरे साँवरे… मेरे साँवरे
काबिल नहीं था फिर भी तू निभाता मुझको साँवरे कृष्णा तेरा करजदार हूँ रख ले मुझे दरबार में मेरे साँवरे… मेरे साँवरे
इतना तो तुझ पे यकीन है कोई हो न हो तू साथ है मेरे साँवरे