श्री हित चौरासी जी
Author: Pushpanjali
सब कुछ मिला रे भोले रहमत से तेरी
ऊंचा है मंदिर मंदिर में पीपल, पीपल में झूले अंबे, जगदंबे।
बाबा श्याम की गुलामी मेरे काम आ रही है।
काले काले कागा मीठा मीठा बोल आज मेरे राम ने आना है।
लेकर संजीवन बूटी को हनुमान आ जा।
कनक भवन के अंदर बैठे, सियापति रघुनाथ
मैया अमर करो सिंदूर, सुहागन वर मांगे।
गौरी माता गौरी माता बात सुण ले
पैरों में लागि गई धूरी, बताओ मैया कितनी है दूरी
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