खा ले डट के भोग लगा ले डट के
Author: Pushpanjali
घुंघरवाले बाल तुम्हारे गोरे गोरे गाल सांवरे क्या कहना
मेरी जिंदगी को संभालो कन्हैया, तुम्हारी यह नैय्या, तुम ही हो खिवैया।
मैया कुछ ना कुछ तो बोल मैया अब तो पलका खोल,मैया कईयां रूस्या थे मैया बोलो जी।
कठे से ल्याऊं पांख कठे से ल्याऊं घोड़ी
तूफानों में कश्ती जब हिचकोले खाए
हे श्याम तेरी माया कोई जान नही पाए
छोटा छोटा चूरमे का लड्डूड़ा बनाओ
राधे तेरे चरणों की गर धूल जो मिल जाए
तूं श्याम कुंड में नहाले
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