ऐजी नटवर नागरिया, भगतां के क्यूं नही आयो रे।
Author: Pushpanjali
थारी मुरली मनड़ो मोयो कान्हा, और तो बजाओ थारी मुरली ने।
थे तो आरोगो जी मदन गोपाल कटोरो ल्यायी दूध को भरयो।
बांधा था द्रोपदी ने, तुम्हें चार तार में।२🌹🌹 कुब्जा ने प्रभु को बांधा,पुष्पों के हार में।
ठाट है निराले खाटू के दरबार में
झंडो बाबा को हाथों में लेकर भक्ता नाचे रे
कृष्ण सुदामा एक दूजे के बांधी घाल रहया।
घणी दूर से भाग रहयो,थारी गाडूली के लार
बंदा श्याम नाम नहीं गावे रे।
नंदरानी कन्हैया जबर भयो रे। मेरी मटकी उलट के पलट गयो रे।
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