फाग़न आयो रसिया रे चॅंग बाज रहियो, रंग छायो रे
Author: Pushpanjali
गिगा थारो पालणो घलादू सामी साल में,
रुत आई रे पपैया थारे बोलण की री, रुत आई रे
समदरिया लहरा लेवे सा ओ बालमा
भाई बहना का यह प्यार, मायरा होता है संस्कार
ले नी ये म्हारी छोटी तुलसा सांवरिया रो नाम ये।
बाबा तेरे दर्शन बड़े रे कमाल,
आंखों में बस गई है छवि ये तुम्हारी।
सुवो पाल्यो ये बंगालन छोरी जुलम कर्यो,सुवो पाल्यो ये
कान्हो मारे रे पणिहारी पाणी भरती ने रे,कान्हो मारे रे
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