होई जाओ संत सुधारो थांरी काया जी
Author: Pushpanjali
थोड़ी सी और पिला दे
पीते पीते मैं पागल हुआ।
दिल खो गया दिल खो गया,
बाँके बिहारी श्री वृन्दावन में,
हाय मेरा दिल खो गया।
मगरे रे मगरे मोर बोले,
वठे भोला नाथ रो धाम रे,
संतन के संग लाग रे तेरी अच्छी बनेगी,
मेरे श्याम के दरबार में दीवाने मिलेंगे।
तुम हो मेरे दिल का अरमान राधिके,
होली खेलूंगी तेरे संग श्याम,
आ जा मोरी गलियन में।
गौरी के नंदा गजानन,
गौरी के नन्दा,
मनमोहन बिगड़ गए बारे से। मैया यशोदा जी के दुलारे से
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