थासू लाख झगड़ लूं पर, थारे बिन नहीं सरे।
Author: Pushpanjali
अजब अनोखा करके श्रृंगार। होकर नंदी पर वो सवार
देखो बिहाने चले भोले बाबा गोरा को आज।
देखन काय ने चली रे देखन काय ने चली री , दूल्हा भोले शिव शंकर की बारात आ गई।
शिवशंकर का डमरू बजत आवे। पार्वती गौरा नचत आवे।
शिव शिव बोले जा, शिव शिव बोले जा।
कृपा तेरी हो जाए राधा रानी।
थान थान थारी महिमा गावे, भेष रो नाशी महेश।
बड़ी फुर्सत से भोले हम, तेरे मंदिर में आये है
भोले को कैसे मनाऊ रे।
ओ मेरा भोला ना माने
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