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विविध भजन

Sun sun re mhara lobhi manva hari ko bhajan Thane nahi bhawe,सुन सुन रे म्हारा लोभी रे मनवा हरि को भजन थाने नहीं भावे

सुन सुन रे म्हारा लोभी रे मनवा हरि को भजन थाने नहीं भावे

सुन सुन रे म्हारा लोभी रे मनवा, हरि को भजन थाने नहीं भावे, राम को भजन थाने नहीं भावे।सुन सुन रे म्हारा लोभी रे मनवा, हरि को भजन थाने नहीं भावे, राम को भजन थाने नहीं भावे।

लोग दिखाओ मंदिर जावे, मोटा मोटा तिलक लगावे रे, तू तो मोटा मोटा तिलक लगावे रे। सुन सुन रे म्हारा लोभी रे मनवा, हरि को भजन थाने नहीं भावे, राम को भजन थाने नहीं भावे।

उजला उजला कपड़ा पहने। छैल छबीलो तू तो बन जावे। भाई छैल छबीलो तू तो बन जावे। हरि का भजन थाना नहीं भावे। सुन सुन रे म्हारा लोभी रे मनवा, हरि को भजन थाने नहीं भावे, राम को भजन थाने नहीं भावे।

भात भात का तने भोजन भावे। रुच रुच भोग लगावे रे, तूं तो रुच रुच भोग लगावे रे।सुन सुन रे म्हारा लोभी रे मनवा, हरि को भजन थाने नहीं भावे, राम को भजन थाने नहीं भावे।

काया माया धन धरती पर। माटी में माटी मिल जावे। आंतों माटी में माटी मिल जावे। सुन सुन रे म्हारा लोभी रे मनवा, हरि को भजन थाने नहीं भावे, राम को भजन थाने नहीं भावे।

चेत चतुर मन चला रे भजन में। मुरख जन्म तू तो गवायो रे।मुरख जन्म तू तो गवायो रे।सुन सुन रे म्हारा लोभी रे मनवा, हरि को भजन थाने नहीं भावे, राम को भजन थाने नहीं भावे।

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