जलकी लहर उठी मेरे दिल में, तन की तपन बुझाए दीजो, गुरू सा पाय लागू, शब्द सुनाए दीजो, शब्द सुनाए समझाए दीजो।।
घट में अंधारो बायर नही सूजे, शब्दों री ज्योत जगाए दीजो, गुरू सा पाय लागु, शब्द सुनाए दीजो, शब्द सुनाए समझाए दीजो।।
असंग युगों रो सूतो मेरो हंसलो, भजनों री टैम जगाए दीजो, गुरु सा पाय लागु, शब्द सुनाए दीजो,शब्द सुनाए समझाए दीजो।।
धर्मी दास री अर्ज विनती, कागलो ने हंसला बनाए दीजो, गुरू सा पाय लागु, शब्द सुनाए दीजो, शब्द सुनाए समझाए दीजो।।
जलकी लहर उठी मेरे दिल में, तन की तपन बुझाए दीजो, गुरू सा पाय लागू, शब्द सुनाए दीजो, शब्द सुनाए समझाए दीजो।।