काहे मुझे चिढ़ाए राधे बोले काला री। काला काला रंग भी मेरा बड़ा निराला री।
काला रंग ही मेरा राधे शोभा तेरी बढ़ाएं। तभी तो कजरा काला काला तू नैनों में लगाए। नजर ना लागे तुम करती हो टीका काला री।काला काला रंग भी मेरा बड़ा निराला री।
काहे मुझे चिढ़ाए राधे बोले काला री। काला काला रंग भी मेरा बड़ा निराला री।
काले रंग में बात है राधा जो ना गोरे रंग में। माला के जो मोती पिरोए है काले डोरे में। और बंदा है बाजूबंद में धागा काला री।काला काला रंग भी मेरा बड़ा निराला री।
काहे मुझे चिढ़ाए राधे बोले काला री। काला काला रंग भी मेरा बड़ा निराला री।
काली काली जुल्फे तेरी नैना भी कजरारे। काला और गोरा ही मिलकर लगते राधे प्यारे। तुम हो गोरे रंग की राधे मैं हूं काला री। काला काला रंग भी मेरा बड़ा निराला री।
काहे मुझे चिढ़ाए राधे बोले काला री। काला काला रंग भी मेरा बड़ा निराला री।