मेलो आयो है, मेलो आयो है,
फागण में खाटू भगता को,
रेलों आयो है,
मईया की दीवानी दुनिया सारी हो गयी,
देखो मईया रानी हमारी हो गयी……
तारेया दी लोई लोई सतगुरु आंदे ने,
भगत प्यारेया दा बूहा खडकांदे ने…
सुन मेरी मात मेरी बात,
छानी कोणी तेरे से,
चली चली रे पालकी श्री राम की, जय बोलो भक्तो वीर हनुमान की
सांवरे तेरे दर पे, आता हूँ मैं आता रहूं, तेरे श्री चरणों में मैं अपना, शीश नवाता रहूं,
मेरे संग संग चलती, मैया की परछाई देखि है,
श्याम हमारे दिल से पूछो, कितना तुमको याद किया
झलक बांके बिहारी की मेरे इस मन में भाई है
कैसे आओ रे किशन थारी ब्रिज नगरी,
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