आसरा इस जहाँ का मिले ना मिले,
मईया तेरा सहारा सदा चाहिए,
आज मेरे घर आना भक्तों आज मेरे घर कीर्तन है,
रण में गरज रही रे कालका,
रण में गरज रही रे,
तू श्याम का सुमिरन कर, सब दुख कट जायेगा
मईया मेरी आ जाओ, अब आपको बुलाया है,
रंग रेजीया रंग दे मैया की चुनरिया,
ये माया तेरी,
बहुत कठिन है राम…..
आने से उसके सखियां डरे,
माखन की मटकीया घर मे धरे,
रूम झूम करता पधारो मारा भैरो जी
तुझे ब्रम्हा,
हो तुझे ब्रम्हा विष्णु भोला ने,
हर हर गँगे बोला,
You must be logged in to post a comment.