मेरा खाली हुआ शरीर सतगुरु ज्ञान के बिना,
वैध बन करके गोकुल से मोहन चले,
मैंने सपनो देखो रात हो रात हनुमान कूद गए लंका में,
मैया मैं तो ना आई तेरी अदा मुझे ले आई….
मेरे भोले जी का डमरू कहां बजेगा,
लुगाइयों री किसे नै मेरा काला देख्या हो,
कोई पूछे कैसा है तेरा श्याम,
मैं बोलूं बाबा चाँद जैसा
ना मैं सोनी ना गुन पल्ली ना कोई सुनावल कमाए,
हाय रे तेरी एक ना चलेगी छोड़ दे घमंड प्यारे छोड़ दे,
आज उलझन में उलझी है दुनिया,
कोई समझाने वाला नहीं है,
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