कुमकुम लगा के मैया मेरे घर आओ।
पार लगा दो मेरी नैया, मेरे सांवरे कन्हैया।
हे मुरलीधर छलिया मोहन हम भी तुमको दिल दे बैठे
तेरे नाम के दीवाने, तेरे दर पे आ गए हैं।
तेरी कृपा से सांवरिया, चलता मेरा परिवार,
कोई कहे तू काशी में है ,कोई कहे कैलाश
शंकर संग मेरे रहना
आज होलिका के अवसर पर जागे भाग गुलाल के।
नखरालो ईशर जी, गौरा पर जादू करगयो
ईशर दास जी के सोहे पीली पागड़ी है मां।
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