बालाजी ओ बालाजी सालासर के बालाजी।
गणपति महाराज बनाये बिगड़े काज,
अर्घ्य चढाओ प्राणि,
नमन करो रे प्राणि,
तेरे प्यार से बढ़के मन्ने मिली कोई सौगात नही,
ज्योत जगे दिन रात ज्वाला तेरी ज्योत जगे,
नाम जपो, राम राम का नाम, प्यारे नाम जपो।
मेरी कोठी तो बनवा दो के सालासर धाम बालाजी,
ये अंजनी का लाला नाचे, झूम झूम के कीर्तन में,
बोली हनुमान से यू जनक नंदिनी,
तुम रचा लो विवाह अपना बजरंगबली
हनुमान मेरे वन के साथी,
सीता इन बिन ना मिल पाती,
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