अरे नारी है गुण की खान कोई जानन वारो जाने,
लिख भेजी पतिया आज रुक्मणि अर्ज करे,
मोहन मेरा मुरली वाला मैंने हरी से प्यार किया,
सच्चिदानंद श्री सतगुरु भक्तों साईं नाथ,
गौरा तेरे चरणों की,
अगर धुल जो मिल जाये ,
छोटी सी कन्या पार्वती भोले की पूजा करती है,
शेरावाली के रूप अनेक जगत को प्यारी लगे,
तेरे लाडले का लाड तू लड़ा दे ओ मेरे सांवरिया,
मुझे जो देंगे मेरे श्याम सर झुका कर मैं लूंगा,
कितना ही सुन्दर कितना प्यारा, श्याम का द्वारा
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