मेरे घर आना भवानी फूलों पे सजके
सीता करें विलाप जन्म बेटी को मत दीजो,
अरे दशरथ के राजकुमार बन में फिरते मारे मारे,
श्री जी बाबा झीनो झीनो माथो दूखे,
सुन ले वानरिया के बच्चा तुझको नहीं मरना अच्छा,
ओ मेरे भोले मैं जोडू दोनों हाथ बुढ़ापा दीजो मत ना रे…..
खाले बाजरे की रोटी भोलेनाथ के भांग पीनी भूल जावेगा
बेटी इतना धरियो ध्यान इस जग में नाम कमइयो,
भवन रंगीला मां का शेर पीला पीला है
रिश्ते नाते टूट गए सब,
रूठ गया ये जहान है,
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