अगर दीनो का दिल टूटा, तो बदनामी तुम्हारी है
बाहें पकड़ ले बाबा, मैं हार कर हूँ आया,
मुझे जो देंगे मेरे श्याम, सर झुका कर मैं लूंगा,
ये बंधन तो श्याम प्रेम बंधन हैं, जन्मों का संगम है
नैया मेरी फसी पड़ी है, बरसो से मजधार में,
करुणामयी किशोरी,करुणा जरा दिखा दो,
तुम्ही सादगी हो,तुम्ही बन्दगी हो, मेरे सांवरे अब,तुम्ही जिंदगी हो,
वो कौन सी जगह, जो मेरे श्याम की नहीं, घनश्याम की नही, वो कौन जगहा है ।।
दर्द किसको दिखाऊं कन्हैया,
कोई हमदर्द तुमसा नहीं है
श्याम धणी के दरबार से, ना जाता है कोई हार के,
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