इतनी सी है दिल की आरजू।
मेरी मईया का दरबार बड़ा ही लगता आलीशान…..
बैकुंठ से सज कर आया रे लाला का पलना,
भले कुछ और मुझे,
तू देना ना देना,
यहाँ बनता नसीबा सभी का,
फूल चढ़ाऊंगा, सर को झुकाऊंगा,
सजे है मेरे साईनाथ, बाबा शिरडी वाले…..
मेहरावाली ज्योतावाली मेरी मईया शेरावालिये……
हरी बोल हरी बोल हरी हरी बोल,
साँझ सवेरे हरी हरी बोल,
मथुरा में जन्मे कन्हैया गोकुल में बाजे बधाईयां,
आली रे आली दरबार है आली,
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