होली में रंग लगवा जा, के सोचे कान्हा बोल बता।
शंकरम नीलकंठम महादेवम शिवम,
प्रेम से लगाओ गुलाल कान्हा को आज होरी में,
भोले बाबा मैं तो बन गया हूँ तेरा ही दीवाना,
परम हैं परमेश्वर,
जिनके तीनों रूप,
तुम जो कृपा करो तो मिट जाए विपदा सारी,
श्रद्धा बिन श्याम मिले ना यह जान ले प्यारे,
महाकाल महाराज मेरे,
महाकाल महाराज,
चाबी ताले की बहना जनों जनों जाए मांगे…..
हे प्रथमेश्वर, गौरी नंदन,
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