मेरी चाबी बाबा तेरे हाथ में घुमाये जा घुमाये जा
लिखने वाले ने लिख डाला मिटा न कोई पाया
मैया थारी चुनडी मने लागे वेमिसाल है,
मैया जी हम शरण तेरे हम पे किरपा करना,
हम तो है लाल तेरे हो।
जाग पियारी अब का सोवै
रैन गई दिन काहे को खोवै।
कोटासर रे मांई ने ऊँचो बणीयो धाम,
रूत फागनिए की आई,की मेलो थारो खूब भरसी सांवरिया।
थारै सालासर मन्दिर में थारै मेहंदीपुर मन्दिर में
मैया मेरी मैया तुम देखो मेरी और
तेरी दया के फूल माँ जिस को मिल गये,
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