मेरा सांवरा मेरे पास।
चलता मेरा परिवार , तेरी कृपा से सांवरिया
जो तु गया हार है, चाहता बहार है
रंग चढ़ा है श्याम धनी का, छाई मस्त बहार है
लगे खाटू का अजब नजारा, की फागण आया चलो सारे
निरख़ सजनी दूल्हा बांका सांवरिया।
श्याम जी चख जाओ, पेट भर खा जाओ।
छछिया भर छाछ पे नाच नचाए।
की भजमन राम जी,सियाराम जी, तेरी चिंता हरेंगे हनुमान।
क्या तुम्हें पता है ए अर्जुन यह द्वापर जाने वाला है
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