भोले जी नाचे है सावन में,
पार्वती भी संग में नाचे,
युगल बर झुलत दे गलबॉही।
जय जय शिव जय गौरा जय जय शिव जय गौरा।
खुला हुआ है खुला रहेगा,
खाटू वाले का द्वार,
निर्बल का साथी है तू,
दाता दयावान है,
ओ रामजी तेरे भजन ने, बड़ा सुख दीना,
बड़ा सुख दीना।
बीते चरणों में ये ज़िंदगानी
यही है अरदास सांवरे।
किसने सजाया मुरली वाले को,
बनड़ा बनाया मुरली वाले को,
आया फागुन में बाबा का मेला
ये मेले की बहार देखिये
शिव नाथ चरणों मे तेरे,
कोटि कोटि प्रणाम है।।
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