एक हार बना माली मुझे कान्हा को पहनाना है,
आयो आयो नंदकिशोर आयो आयो नंदकिशोर।
कान्हा को ढूंढती हूं रे मैं ब्रिज की गली गली में।
अवतार हो गया रे अवतार हो गया,
गोकुल में श्री कृष्ण का अवतार हो गया।
नंदलाल हुए राजा अखबार में छपवा दो।
लीले घोड़े चढ़ कर आवो बाबा, रूणिचा गाँव तुम्हारा,
भोले के हाथों में, है भक्तो की डोर,
बनके बिंदनी सी दादी बैठी सजधज के
राम मिलण रो घणो रे उमावो, नित उठ जोऊ बाटड़िया
कैसे दर आऊं, मैं तेरे दरश पाने को,
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