मेरी बगिया की तुलसी ना तोड़ पुजारी ।
पत्ते पत्ते पे बैठे है बांके बिहारी।।
कान्हा पर लाड लडावे यशोदा मैया
बड़ा सुंदर सजा है दरबार गजानन आ जाओ
खुल गए भाग हमारे गजानन घर में पधारे।
गजानन तुमको मनाने में मजा आता है,
सजदा कबूल कीजिये तेरे दर पे आ गया
सुन मुरली दी मीठी मीठी कूक कन्हैया मैनु याद आवंदा
छुम छुम बाजे पायलिया, छवि दिखलाये कान्हा,
सज-धज करके बैठी है माँ आज झुंझुनूं धाम में
मेरी नाव पड़ी मझधार, बड़ी दूर किनारा
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