राधा नाम परम सुखदाई, ये नाम परम सुखदाई,
जंगल में मंगल करईयो गजानंद जी।
गिरिजा के छैया गणपति तुम्हे पुकारू,
प्रेम से बोलो हनुमाना बोलो जय सिया रामा,
माता है गौरा पिता है महेश,
जय हो गणेश तेरी जय हो गणेश।
हमको भी प्यारी तुमको भी प्यारी वृषभान दुलारी श्री राधे।
सावरे रसिया से हो गई अपनी यारी,
आयी आयी दादी आयी देखो बाज उठी शहनाई
जमुना तेरे समीर
थोडी मंड मंड चले
मेरा आपकी कृपा से, सब काम हो रहा है,
करते हैं खाटू बाबा, मेरा नाम हो रहा है।।
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